balaghat Update: बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका, अडोरी और मछुरदा गांवों में बीमार बच्चों की घटना के बाद प्रशासन सतर्क है। बोंदारी स्वास्थ्य विभाग निगरानी के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों का दौरा कर रही हैं। टीम घर-घर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ बीमार बच्चों पर विशेष नजर रख रही है।
बोंदारी स्वास्थ्य विभाग निगरानी में घर-घर सर्वे
कलेक्टर कुमार सत्यम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 अगस्त को प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे किया। ग्रामीणों को बीमारी की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अंधविश्वास से बचने की अपील भी की। अधिकारियों ने कहा कि बीमारी के दौरान झाड़-फूंक या पंडा-पुजारी के भरोसे रहने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच और उपचार कराना जरूरी है।
मेडिकल कॉलेज और ICMR टीम ने किया संवाद
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने प्रभावित गांवों का दौरा कर सर्वे और निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीमें लगातार घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटा रही हैं।
इसी दौरान मेडिकल कॉलेज जबलपुर और ICMR जबलपुर की टीम ने भी गांवों का दौरा किया। टीम ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर बातचीत की। लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी उबालकर पीने और बासी भोजन से बचने की सलाह दी गई।
साथ ही घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को साफ रखने के लिए भी समझाइश दी गई।
96 बच्चों में 51 स्वस्थ होकर लौटे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुंडेकसा के अस्थायी अस्पताल में भर्ती सभी 18 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। सिविल अस्पताल बैहर में भर्ती 22 बच्चों में से 16 को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि 6 बच्चों का उपचार जारी है।
जिला चिकित्सालय बालाघाट में भर्ती 56 बच्चों में से 17 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं 39 बच्चों का इलाज अभी जारी है। इस तरह तीनों स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती 96 बच्चों में से 51 बच्चे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं और 45 बच्चों का उपचार चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उपचाररत बच्चों की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। 10 अगस्त को किसी बच्चे को डिस्चार्ज नहीं किया गया, जबकि अगले दिन अधिकांश बच्चों के स्वस्थ होने पर उन्हें घर भेजे जाने की संभावना जताई गई है।
बच्चों और परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था
अस्पतालों में भर्ती बैगा जनजाति के बच्चों और उनके परिजनों की सुविधाओं का भी प्रशासन ध्यान रख रहा है। उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगातार जारी है। घर-घर सर्वे के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता, सुरक्षित पानी, सही खान-पान और समय पर चिकित्सा सुविधा लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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