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घुम्मुर और मछुरदा में संभागायुक्त की जन चौपाल, स्वास्थ्य-पोषण से वनाधिकार तक योजनाओं की

By Sonu bisen

Published on: September 10, 2026

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घुम्मुर और मछुरदा में संभागायुक्त की जन चौपाल, स्वास्थ्य-पोषण से वनाधिकार तक योजनाओं की

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बालाघाट जिले के दूरस्थ बैगा जनजाति बहुल ग्राम घुम्मुर और मछुरदा में 9 सितंबर को संभागायुक्त जबलपुर श्री धनंजय सिंह ने जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

संभागायुक्त ने कहा कि जिन लोगों के जरूरी दस्तावेज अभी तैयार नहीं हुए हैं, उनके दस्तावेज बनवाकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने बैगा परिवारों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति की समीक्षा

जन चौपाल में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल, वनाधिकार पट्टा, आहार अनुदान, रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की मैदानी स्थिति पर चर्चा हुई।

संभागायुक्त ने मौसमी और वर्षाजनित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार, दस्तक-सह-स्टॉप डायरिया अभियान, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार वितरण के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

छात्रावासों और आश्रमों में उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति की जानकारी भी अधिकारियों से ली गई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, जल स्रोतों की नियमित जांच और क्लोरीनेशन कराने के निर्देश दिए गए।

वनाधिकार पट्टों और किसान योजनाओं पर जोर

राजस्व एवं वन विभाग से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जाति प्रमाण-पत्र और वनाधिकार पट्टों से संबंधित मामलों की जानकारी ली गई।

संभागायुक्त ने वन अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर निराकरण करने के निर्देश दिए। जिन लोगों को वनाधिकार पट्टे मिल चुके हैं, उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

पशु हानि के मुआवजे से संबंधित मामलों की भी जानकारी ली गई।

लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

घुम्मुर में पशुओं के टीकाकरण में लापरवाही सामने आने पर उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का काम संतोषजनक नहीं पाया गया। संभागायुक्त ने एक वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इसी तरह, महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पेयजल व्यवस्था में लापरवाही को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

आहार अनुदान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा

संभागायुक्त ने जनजातीय विभाग के अधिकारियों से सभी पात्र बैगा परिवारों को आहार अनुदान योजना का लाभ समय पर दिलाने को कहा।

ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में व्यक्तिगत शौचालय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आवास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। संबल पंजीयन तथा अनुग्रह सहायता के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।

खाद्य विभाग को मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना और उज्ज्वला योजना का लाभ पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

घुम्मुर शिविर में 172 जाति प्रमाण-पत्र वितरित

घुम्मुर में आयोजित शिविर के दौरान संबल योजना के तहत 30 नए पंजीयन किए गए। पहले से बने 172 जाति प्रमाण-पत्रों का वितरण भी किया गया।

नए जाति प्रमाण-पत्र के 61 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका पांच दिन के भीतर निराकरण किए जाने की बात कही गई। इसके अलावा जन्म प्रमाण-पत्र के 5, समग्र आईडी में नाम जोड़ने के 10, एम राशन मित्र पोर्टल पर नाम जोड़ने के 17 और आहार अनुदान के लिए 1 आवेदन मिला।

पेंशन योजना के लिए 2, आय प्रमाण-पत्र के 3 और मूल निवासी प्रमाण-पत्र के लिए 9 आवेदन भी प्राप्त हुए।

शिविर में 18 लोगों के आधार अपडेट किए गए और 33 नए आधार कार्ड बनाए गए। सात लोगों के बैंक खाते खोले गए तथा 40 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया।

वन अधिकार पट्टे के 26 आवेदनों को मान्य किए जाने पर विचार किया गया। इन मामलों में पांच दिनों के भीतर पट्टे वितरित किए जाने की बात कही गई।

मछुरदा शिविर में भी मिले कई आवेदन

मछुरदा के शिविर में पेंशन के 6, आयुष्मान कार्ड के 13, जाति प्रमाण-पत्र के 46 और निवास प्रमाण-पत्र के 4 आवेदन प्राप्त हुए।

जन्म प्रमाण-पत्र के 46, संबल पंजीयन के 19, बकरी पालन के लिए 1, आहार अनुदान के 3 और बैंक खाता खोलने के 15 आवेदन भी आए।

शिविर में 42 लोगों के आधार अपडेट किए गए और 11 नए आधार कार्ड बनाए गए। 15 लोगों के बैंक खाते खोले गए, जबकि 10 लोगों के नाम समग्र में और 12 लोगों के नाम राशन मित्र पोर्टल पर जोड़े गए।

वन अधिकार पट्टा से संबंधित 79 अमान्य दावों को पुनर्विचार के लिए रखा गया।

स्वास्थ्य शिविर में मरीजों को मिली दवाएं

घुम्मुर और मछुरदा में आयोजित जन चौपाल के दौरान हेल्थ कैंप भी लगाए गए। यहां मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दूरस्थ बैगा बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल और अन्य मूलभूत सेवाओं की लगातार निगरानी की जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की कमी न रहे।

इस अवसर पर सीसीएफ श्री गौरव चौधरी, कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा, वनमंडलाधिकारी श्री रेशम सिंह धुर्वे, एसडीएम श्री अनिकेत शाण्डिल्य, जनपद सीईओ श्री नितिन भट्ट सहित संभाग और जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Sonu bisen

मेरा नाम सोनू बिसेन है। मैं एक लेखक हु और TazaSanket.com पर लेखन का काम करता हूं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैं मध्य प्रदेश, विशेष रूप से बालाघाट ज़िले की ताज़ा एवं क्रिकेट न्यूज़ और विश्वसनीय लोकल खबरें पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करता हूं

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