बिरसा विकासखंड के बैगा बहुल ग्राम घुम्मुर और मछुरदा में संभागायुक्त जबलपुर श्री धनंजय सिंह ने विशेष जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जन चौपाल के दौरान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि पात्र बैगा परिवारों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, रोजगार तथा आजीविका जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता बनी रहे।
वनाधिकार पट्टों के मामलों में तेजी के निर्देश
राजस्व और वन विभाग की समीक्षा में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जाति प्रमाण-पत्र और वनाधिकार पट्टों से जुड़े मामलों की जानकारी ली गई।
ग्रामीणों ने वनाधिकार पट्टों के लिए आवेदन भी दिए। संभागायुक्त ने डीएफओ को इन प्रकरणों की जांच और निराकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
पशु हानि के मुआवजे और किसान क्रेडिट कार्ड से मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। मछुरदा कैम्प में किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर प्राथमिक सहकारी संस्था बिठली के सहायक प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और पोषण की समीक्षा
जन चौपाल में स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान टीकाकरण, जननी सुरक्षा, प्रसव सहायता और वर्षाजनित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार की जानकारी ली गई। दस्तक-सह-स्टॉप डायरिया अभियान की प्रगति भी देखी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य पोषण कार्यक्रमों की स्थिति पूछी गई।
अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने बच्चों और परिवारों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षाजनित बीमारियों से बचाव और उपचार के लिए त्वरित कदम उठाने को कहा।
पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, जल स्रोतों के परीक्षण और क्लोरीनेशन की स्थिति की जानकारी ली गई।
हैंडपंपों में सुधार और उचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं किए जाने पर कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पशुओं का टीकाकरण नहीं होने पर उप संचालक पशुपालन के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने को कहा गया। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि पेयजल स्रोतों की निगरानी और सुधार कार्य में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों के लिए आजीविका पर जोर
ग्रामीणों से रोजगार और आजीविका के साधनों को लेकर भी चर्चा हुई। बकरी पालन, मुर्गी पालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए आवेदन लिए गए। कैम्प में हितग्राहियों के आधार अपडेशन का काम भी किया गया।
अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्थायी आजीविका के विकल्प विकसित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जनजातीय कार्य विभाग को सभी पात्र बैगा परिवारों को आहार अनुदान योजना का लाभ समय पर दिलाने और राशि हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्क्रीनिंग कैंप का निरीक्षण
जन चौपाल से पहले संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह ने घुम्मुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं, टीकाकरण और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
उन्होंने हेल्थ स्क्रीनिंग कैंप का भी निरीक्षण किया और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए जरूरी उपाय प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
सभी पात्र लोगों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री आवास, जनमन आवास, व्यक्तिगत शौचालय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, संबल पंजीयन और अनुग्रह सहायता के मामलों की जानकारी ली गई।
खाद्य विभाग को मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना और उज्ज्वला योजना का लाभ पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने अधिकारियों से योजनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा। जहां प्रगति संतोषजनक नहीं हो, वहां जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, सीसीएफ श्री गौरव चौधरी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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