Balaghat News: बालाघाट की आश्रम शाला लहगाकंहार में अध्ययनरत बैगा जनजाति के बच्चों के भोजन और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
आश्रम शाला में बच्चों की भोजन व्यवस्था की निगरानी छात्रावास अधीक्षक द्वारा की जा रही है। भोजन समय पर मिले और उसकी गुणवत्ता बनी रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बच्चों की जरूरत के अनुसार भोजन व्यवस्था
आश्रम शाला में रहने वाले बच्चों के लिए उनकी आयु और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही भोजन की नियमितता पर भी निगरानी रखी जा रही है।
बच्चों के लिए भोजन के साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
बैगा बच्चों के पोषण पर विभाग का जोर
लहगाकंहार की आश्रम शाला में बड़ी संख्या में बैगा जनजाति के बच्चे अध्ययनरत हैं। ये बच्चे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं।
ऐसे बच्चों को आश्रम शाला में शिक्षा के साथ आवास और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग का प्रयास है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावासों में बच्चों के पोषण को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बच्चों को नियमित पौष्टिक भोजन देने के साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर भी निगरानी रखी जा रही है। बेहतर स्वास्थ्य और शारीरिक विकास के लिए संतुलित आहार को महत्वपूर्ण बताया गया है।
भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी
आश्रम शाला और छात्रावासों में बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, इसके लिए भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है।
इसके साथ ही बच्चों की स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय स्तर पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान
जनजातीय कार्य विभाग दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ उनके स्वास्थ्य और पोषण को भी महत्व दे रहा है। आश्रम शाला में बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देने का प्रयास किया जा रहा है।
बच्चों को पौष्टिक भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विभाग का ध्यान है। आश्रम शाला तथा छात्रावासों के माध्यम से बच्चों की शिक्षा के साथ उनके बेहतर पोषण और विकास पर काम किया जा रहा है।
विभाग का उद्देश्य है कि आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बच्चों को शिक्षा तथा पोषण से वंचित न होना पड़े। इसी दिशा में आश्रम शाला के माध्यम से शिक्षा, भोजन और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
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