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मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना: डेयरी व्यवसाय अपनाकर किसान ने बढ़ाई आय, बदल गई खेती की पूरी सोच

By Sonu bisen

Published on: July 6, 2026

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मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना: डेयरी व्यवसाय अपनाकर किसान ने बढ़ाई आय, बदल गई खेती की पूरी सोच

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मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही है। जिले के विकासखंड बिरसा के मरारी टोला निवासी किसान मिथिलेश जामरे ने पारंपरिक खेती के साथ डेयरी व्यवसाय अपनाकर अपनी आय में वृद्धि की है। उनका अनुभव अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से मिला लाभ

योजना के तहत हितग्राहियों को अनुदान पर उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली दो मुर्रा भैंसें उपलब्ध कराई जाती हैं। सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। पशुओं का चयन हितग्राही स्वयं हरियाणा जाकर करते हैं।

इसी क्रम में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला बालाघाट डॉ. अरुण कुमार नेमा ने ग्राम बिरसा (मरारी टोला) पहुंचकर हितग्राही मिथिलेश जामरे के निवास पर गृहभेंट की। उन्होंने योजना के तहत उपलब्ध कराई गई मुर्रा भैंसों का सत्यापन किया तथा वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, संतुलित पशु आहार, पशु स्वास्थ्य संरक्षण और नस्ल सुधार से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी।

आधुनिक डेयरी से बदली सोच

मिथिलेश जामरे ने बताया कि शुरुआत में उनकी इस योजना में विशेष रुचि नहीं थी। लेकिन हरियाणा में आधुनिक डेयरी फार्मों का भ्रमण करने और वहां की वैज्ञानिक डेयरी प्रणाली देखने के बाद उनकी सोच बदल गई। अब उन्होंने खेती के साथ डेयरी और मत्स्य पालन को आय का प्रमुख आधार बना लिया है तथा भविष्य में इसे और विस्तार देने की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में गेहूं का भूसा संग्रहित किया है। साथ ही अपनी गायों में सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाली बछिया प्राप्त की है और इसके लाभ अन्य पशुपालकों को भी बता रहे हैं।

प्रतिदिन 15 लीटर दूध का उत्पादन

वर्तमान में उनकी दोनों मुर्रा भैंसों से प्रतिदिन लगभग 15 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे उन्हें हर माह करीब 14 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। भ्रमण के दौरान डॉ. अरुण कुमार नेमा ने पशुपालकों से शासन की पशुपालन एवं डेयरी योजनाओं का लाभ लेने तथा कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।

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Sonu bisen

मेरा नाम सोनू बिसेन है। मैं एक लेखक हु और TazaSanket.com पर लेखन का काम करता हूं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैं मध्य प्रदेश, विशेष रूप से बालाघाट ज़िले की ताज़ा एवं क्रिकेट न्यूज़ और विश्वसनीय लोकल खबरें पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करता हूं

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