balaghat news : बालाघाट जिले के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां लगातार जारी हैं। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं के तहत घर-घर स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, जांच, दवा वितरण और उपचार के साथ बच्चों के टीकाकरण पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
3 सितंबर 2026 तक घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में 5,292 लोगों की जांच की जा चुकी है। वहीं 279 सत्रों के माध्यम से 14,284 बच्चों का टीकाकरण कराया गया है। अधिकारियों द्वारा अभियान के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 46 गांवों के 4,693 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया। इसके अलावा 43 ग्रामों के 8,306 घरों में इंडोर और आउटडोर फॉगिंग कराई गई।
आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई और भोजन की व्यवस्था
महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई के साथ बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की। जरूरत के अनुसार घर-घर भोजन भी पहुंचाया गया।
बैहर के 6 ग्रामों के 20 और बिरसा के 16 ग्रामों के 23 आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई कराई गई। बैहर के 20 केंद्रों में 354 तथा बिरसा के 33 केंद्रों में 667 बच्चों को भोजन दिया गया।
घर पहुंचाकर भोजन देने की व्यवस्था के तहत बैहर के 7 केंद्रों में 42 तथा बिरसा के 33 केंद्रों में 247 महिलाओं एवं बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा बैहर के 4 और बिरसा के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं को टीएचआर दिया गया।
पेयजल स्रोतों की जांच और सफाई
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बैहर ने बिरसा विकासखंड के मछुरदा और कोरका में 9 हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कराया। 9 जल स्रोतों से पानी के नमूने भी लिए गए और एक हैंडपंप की मरम्मत की गई।
इसके अतिरिक्त बिरसा के दमोह, मुंडघुसरी और करौंदाबहरा में 20 हैंडपंप तथा बैहर के करवाही में 8 हैंडपंपों का क्लोरीनेशन किया गया।
जनपद पंचायतों ने भी जल स्रोतों के आसपास सफाई और दवा छिड़काव कराया। बैहर के 2 ग्रामों में जल स्रोतों के आसपास सफाई और 2 स्थानों पर गड्ढे भरने का काम हुआ। बिरसा के एक ग्राम में नाली की सफाई कराई गई।
डार्क स्पॉट की सफाई भी कराई गई। बैहर में 2 ग्रामों के 2 स्थानों और बिरसा में 6 ग्रामों के 8 स्थानों पर यह कार्य किया गया।
प्रभावित गांवों में खाद्यान्न वितरण जारी
प्रभावित ग्रामों में अगस्त और सितंबर 2026 का खाद्यान्न वितरण पूरा हो चुका है। खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति बनाए रखने के साथ 3 सितंबर को भी कई परिवारों को उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से राशन दिया गया।
बैहर के पांडुतला, गोहारा, किनारदा, आमगांव और मोवाला में 27 परिवारों को खाद्यान्न मिला। बिरसा के बिठली, परसाही, पंडरिया, बहेराभाटा और बलगांव में 138 परिवारों को खाद्यान्न वितरित किया गया।
छात्रावास और स्कूलों का निरीक्षण
जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के छात्रावास, आश्रम और विद्यालयों का जायजा लिया। विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
बैहर विकासखंड में 3 छात्रावासों का निरीक्षण किया गया। प्रभावित क्षेत्र के सभी छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों को मच्छरदानी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
संस्था परिसरों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई की जा रही है। पेयजल स्रोतों के आसपास भी सफाई के साथ ब्लीचिंग का छिड़काव किया जा रहा है।
पशुओं के स्वास्थ्य पर भी नजर
प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं केवल लोगों तक सीमित नहीं हैं। पशुओं के स्वास्थ्य की भी निगरानी की जा रही है।
3 सितंबर को बिरसा विकासखंड के 3 ग्रामों में 60 पशुओं की जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार पशुपालकों को दवाइयां दी गईं और पशुओं के आसपास साफ-सफाई रखने की समझाइश दी गई।
वहीं बैहर विकासखंड के प्रभावित क्षेत्र में पशुओं का टीकाकरण कार्य पूरा किया जा चुका है।
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