प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य सर्वेक्षण और घर-घर स्वास्थ्य निगरानी का अभियान लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीणों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और उपचार कर रही हैं। 27 अगस्त 2026 को 18 लोगों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
अभियान के दौरान अब तक कुल 274 मरीज जिला चिकित्सालय भेजे गए हैं। इनमें 230 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 44 मरीज उपचाररत हैं और उनकी स्थिति पूर्णतः स्वस्थ बताई गई है।
4,261 लोगों की जांच, 857 मरीज मिले
घर-घर किए जा रहे स्वास्थ्य सर्वेक्षण के तहत अब तक 4,261 लोगों की जांच की गई। इनमें विभिन्न बीमारियों से प्रभावित 857 मरीज पाए गए। इनमें से 230 मरीजों को अस्पताल में उपचार दिया गया, जबकि 583 मरीजों का घर पर ही इलाज कर उन्हें स्वस्थ किया गया।
प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें लगातार घर-घर पहुंच रही हैं। बीमार लोगों की जांच और उपचार के लिए 10 चिकित्सा अधिकारी, चार एम्बुलेंस तथा चार पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं।
बच्चों को विटामिन-ए, आयरन और एल्बेंडाजोल
सर्वे के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक 748 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक की खुराक दी गई है। वहीं 706 बच्चों को आयरन सिरप और 610 बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई।
टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 177 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 9,831 बच्चों का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग बच्चों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रहा है और अधिकारी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
गांवों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग
बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियां भी जारी हैं। 27 अगस्त को 52 गांवों के 3,347 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया।
इसके अलावा 63 ग्रामों में इंडोर और आउटडोर फॉगिंग की गई तथा लार्वा सर्वे का कार्य भी पूरा किया गया। स्वास्थ्य सर्वेक्षण के साथ इन गतिविधियों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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