Balaghat News: बिरसा और बैहर विकासखंड के वन ग्रामों में ग्रामीणों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए आयुष विभाग का विशेष अभियान जारी है। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को मलेरिया प्रतिरोधक औषधि उपलब्ध कराई जा रही है। बदलते मौसम में मौसमी और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा दल संवेदनशील गांवों तक पहुंच रहे हैं।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. सवेदिता कुमरे के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ रोगों से बचाव के लिए समय पर आवश्यक उपाय करना है। इसके लिए चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमें बनाई गई हैं।
वनांचल के कई गांवों में पहुंच रहे स्वास्थ्य दल
स्वास्थ्य दल भुर्रूक, कटंगी क्रमांक 01 एवं 02, बोन्दारी, कुंडेकसा, कोरका, कीनिया, कंदई, हर्राटोला, लोटना, गंजेसरा, बड़डोला, लहंगाकन्हार, किनारदा, करवाही, बैगाटोला, जामटोला और पोला पटपरी सहित अन्य वन क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं।
इन टीमों द्वारा ग्रामीणों तक मलेरिया प्रतिरोधक औषधि पहुंचाने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी दी जा रही है।
घर-घर जाकर बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ले रहे हैं। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रामीणों को आसपास साफ-सफाई रखने, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने और शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल करने की समझाइश दी जा रही है। स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए भी कहा जा रहा है।
आयुष विभाग की टीम की सक्रिय सहभागिता
इस अभियान में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. गीता घोरमारे, डॉ. विनोद पटले, डॉ. मयंक उइके, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान और संविदा आयुष चिकित्सक नवीन घोरमारे की सहभागिता रही।
पैरामेडिकल स्टाफ में शिवकुमार झरिया, मंगलदास गजभिए, हरिलाल परस्ते, रिजवान शेख, दिलीप ताराम, चरण दास जगने, किशन सिंह कुसरे, कुशमन वरकड़े, फूलसिंह उइके और मुनिराज निकोसे भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
वन ग्रामों में चल रहे इस अभियान के जरिए मलेरिया प्रतिरोधक औषधि के वितरण के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता, मच्छरों से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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