रक्षाबंधन से जन्माष्टमी तक जिले में सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, पर्यावरणीय और जनभागीदारी से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत होने वाली इन गतिविधियों को लेकर कलेक्टर कुमार सत्यम ने 25 अगस्त को अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर जीएस धुर्वे, डीपी बर्मन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निहित उपाध्याय, संयुक्त कलेक्टर राहुल नायक, विजय यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रक्षाबंधन पर प्रकृति संरक्षण का संदेश
28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर रिश्तों के साथ प्रकृति, जल और पर्यावरण संरक्षण को जोड़कर विभिन्न गतिविधियां होंगी। इनमें “एक राखी-एक संकल्प”, “रक्षासूत्र-एक राखी-एक रिश्ता” और “पेड़ को राखी-प्रकृति से भाईचारा” जैसी पहल शामिल हैं।
स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए प्रकृति संरक्षण विषय पर कहानी लेखन, पेंटिंग और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कलेक्टर ने शिक्षा, जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास तथा सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े अधिकारियों को कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
इन आयोजनों में जिला प्रशासन के साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा विभाग और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बलराम जयंती पर कृषि महोत्सव
2 सितंबर को बलराम जयंती के अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव को विस्तारित स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। इसमें कृषि से जुड़ी पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज और प्राकृतिक खेती पर केंद्रित प्रदर्शनी एवं संवाद आयोजित किए जाएंगे।
जन्माष्टमी पर बच्चों के लिए होंगी विशेष गतिविधियां
4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। स्कूलों में बच्चों को विशेष रूप से शामिल करते हुए मटकी प्रतियोगिता, बांसुरी वादन, जीवंत झांकियां और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों पर तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता कराई जाएगी।
छोटे बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार कर प्रस्तुतियां भी कराई जाएंगी। कृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों का विशेष श्रृंगार करने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
मटकी सज्जा, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन गायन, बांसुरी वादन, दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक आरती जैसे कार्यक्रम भी होंगे। “कृष्ण जन्म”, “वृंदावन”, “गोवर्धन पूजा” और “गीता उपदेश” जैसे प्रसंगों पर जीवंत झांकियां निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिविर
29 अगस्त से 4 सितंबर तक बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक शालाओं में जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष पोषण आहार की व्यवस्था की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से इन गतिविधियों का संचालन करेंगे।
जनजातीय क्षेत्रों और गौशालाओं में भी आयोजन
जन्माष्टमी के अवसर पर जिले की जेलों में भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों और आश्रम शालाओं में भजन प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण वेशभूषा और चित्रकला जैसी गतिविधियां होंगी।
बांसुरी वादन, मोरपंख के उपयोग तथा जनजातीय एवं ग्राम संस्कृति से जुड़ी अन्य परंपराओं को भी कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
पशुपालन विभाग द्वारा गौशालाओं में स्वच्छता अभियान, गौपूजन, गौ-रक्षासूत्र बांधने और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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