Balaghat Khabar: बालाघाट जिले के बीमारी प्रभावित बैहर और बिरसा विकासखंड में ग्रामीण परिवारों तक राहत, स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत बैहर स्थित वन स्टॉप सेंटर में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है।
यह कंट्रोल रूम प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर प्रभावित परिवारों तक सेवाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क
संयुक्त संचालक जबलपुर श्रीमती मनीषा लुम्बा और जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेंद्र सुंदरियाल के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम कार्य कर रही है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के माध्यम से प्रभावित गांवों में घर-घर संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान परिवारों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
बच्चों के साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्य प्रभावित सदस्यों की भी पहचान कर उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य जांच और दवाइयों पर निगरानी
प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच कराने के साथ जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दवाओं का नियमित सेवन हो रहा है या नहीं, इसकी भी निगरानी की जा रही है। मैदानी स्तर पर तैनात अमला परिवारों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी ले रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े पहलुओं पर भी लगातार काम कर रहा है।
बच्चों के पोषण पर विशेष फोकस
प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के वजन और पोषण स्तर की जांच की जा रही है। इसके साथ ही वजन अभियान को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
पूरक पोषण आहार प्रभावित परिवारों तक अंतिम छोर तक पहुंच सके, इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को सक्रिय रखा गया है।
विभागीय टीम परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी जरूरी सलाह भी दे रही है।
24×7 सक्रिय है कंट्रोल रूम
बैहर के वन स्टॉप सेंटर में स्थापित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। यहां से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और अन्य मैदानी कर्मचारियों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है।
प्रभावित इलाकों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर जरूरत के अनुसार कार्रवाई और सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वय किया जा रहा है।
इस व्यवस्था के जरिए महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रयास है कि राहत और पोषण से जुड़ी सरकारी सेवाएं पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचें।
जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास
बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की यह व्यवस्था राहत के साथ स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को भी जोड़ रही है। घर-घर संपर्क के जरिए प्रभावित परिवारों की जरूरतों को समझने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की 24×7 व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित क्षेत्र में कोई जरूरतमंद परिवार आवश्यक राहत, स्वास्थ्य या पोषण सहायता से वंचित न रहे।
read also: श्री श्री रवि शंकर की कौन-सी पहल 180 देशों तक पहुंची, जानिए उनके अभियान की पूरी कहानी
Leave a Comment