Balaghat News: बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा विकासखंड में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की स्थिति का संभागायुक्त धनंजय सिंह ने जायजा लिया। उन्होंने कलेक्टर के साथ दोनों क्षेत्रों का सघन भ्रमण किया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
दौरे के दौरान बैहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिठली और बिरसा के कुंडेकसा गांव में संचालित अस्थायी स्वास्थ्य कैंप का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने दस्तक अभियान के तहत चल रही स्वास्थ्य जांच की जानकारी दी।
बताया गया कि बैहर और बिरसा विकासखंड के गांवों में लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जांच में सर्दी, खांसी और मलेरिया जैसे मामलों में मरीजों को आवश्यक दवाएं देकर उपचार उपलब्ध कराया गया।
संभागायुक्त ने वर्षाजनित संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी पर भी जोर दिया।
आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण व्यवस्था पर जोर
आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार, नाश्ता और मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब तक 1300 से अधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है।
पेयजल स्रोतों की जांच के निर्देश
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पीएचई विभाग ने बताया कि बैहर और बिरसा विकासखंड के गांवों में 529 सक्रिय हैंडपंप हैं। इन सभी का क्लोरीनेशन किया जा रहा है।
संभागायुक्त ने सभी पेयजल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
गांवों की सफाई और स्कूलों में स्वच्छता पर निर्देश
संभागायुक्त ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम पंचायतों में मार्गों और ड्रेनेज की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
स्कूलों और छात्रावासों में भी साफ-सफाई तथा बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। छात्रावास और आश्रमों में बच्चों के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था करने के साथ पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी की टंकियों की नियमित सफाई के लिए भी कहा गया।
प्राथमिक शाला में शैक्षणिक स्थिति की जांच
भ्रमण के दौरान बोंदारी गांव के उर्सेकल टोला स्थित प्राथमिक शाला का भी निरीक्षण किया गया। यहां छात्रों को गणवेश उपलब्ध नहीं होने और शैक्षणिक गुणवत्ता की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित शिक्षक और डीपीसी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने कलेक्टर को मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।
पशुओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण की समीक्षा
पशुपालन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र के सभी पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। अस्वस्थ पशुओं का समय पर उपचार और आवश्यक टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1800 से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
संभागायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने और स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं तथा सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भ्रमण के दौरान भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली से आई नेशनल ज्वाइंट आउट ब्रेक रिस्पॉन्स टीम के विशेषज्ञों से भी संभागायुक्त धनंजय सिंह ने संवाद किया। इस दौरान कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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