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किरनापुर कृषि केंद्रों की औचक जांच, स्टॉक से लेकर लाइसेंस तक परखी गई व्यवस्था, किसानों को दिए सख्त निर्देश

By Sonu bisen

Published on: August 9, 2026

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किरनापुर में कृषि केंद्रों की औचक जांच, स्टॉक से लेकर लाइसेंस तक परखी गई व्यवस्था, किसानों को दिए सख्त निर्देश

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किरनापुर में कृषि केंद्रों की अचानक जांच से किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया गया। किरनापुर कृषि केंद्र निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग की टीम ने बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की उपलब्धता तथा बिक्री व्यवस्था की जांच की। कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना रहा।

किरनापुर कृषि केंद्र निरीक्षण में स्टॉक की जांच

उपसंचालक कृषि फूलसिंह मालवीय और अनुविभागीय कृषि अधिकारी लांजी राजेश कुमार खोबरागड़े के निर्देशन में निरीक्षण दल ने ग्राम पंचायत मोहगांव खुर्द स्थित गायत्री खाद भंडार, डेविड इलेक्ट्रिकल्स एवं कृषि केंद्र तथा आकांक्षा कृषि केंद्र का निरीक्षण किया।

दल में बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक निरीक्षक कुलदीप गनवीर, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संजय कुमार उके और सहायक राजकुमार घरडे शामिल रहे। अधिकारियों ने केंद्रों पर उपलब्ध उर्वरक और कीटनाशकों का भौतिक सत्यापन किया।

POS स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान

जांच के दौरान POS मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध मात्रा का मिलान किया गया। विभिन्न उर्वरकों का भौतिक स्टॉक POS मशीन में दर्ज मात्रा के अनुरूप पाया गया। बिक्री रजिस्टर और अन्य जरूरी अभिलेखों की भी जांच की गई।

लाइसेंस मिले वैध

कृषि केंद्रों पर बीज, उर्वरक और कीटनाशक बिक्री से जुड़े लाइसेंस भी जांचे गए। निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित लाइसेंस वैध और नियमों के अनुसार पाए गए। अधिकारियों ने संचालकों को किसानों को निर्धारित गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

साथ ही स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रिकॉर्ड अपडेट रखने को कहा गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि किसानों के हित में ऐसी जांच आगे भी जारी रहेगी।

अधिकारियों ने बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा कीटनाशी अधिनियम 1968 और संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए।

विभाग का कहना है कि नियमित और आकस्मिक जांच से कृषि आदान बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को सही गुणवत्ता के उत्पाद मिल सकेंगे। इससे किसानों को मानकविहीन सामग्री से बचाने में मदद मिलेगी और कृषि बाजार में भरोसा, जवाबदेही तथा व्यवस्था मजबूत होगी।

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Sonu bisen

मेरा नाम सोनू बिसेन है। मैं एक लेखक हु और TazaSanket.com पर लेखन का काम करता हूं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैं मध्य प्रदेश, विशेष रूप से बालाघाट ज़िले की ताज़ा एवं क्रिकेट न्यूज़ और विश्वसनीय लोकल खबरें पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करता हूं

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