बालाघाट आपदा मित्र प्रशिक्षण के तहत सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सांदीपनी विद्यालय में किया गया। 5 से 11 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम में जिले के 130 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए स्वयंसेवकों को व्यावहारिक और तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
बालाघाट आपदा मित्र प्रशिक्षण का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे, जिला सेनानी ललित कुमार उद्दे तथा विद्यालय के प्राचार्य युवराज रहांगडाले ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और आम नागरिकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी साबित होते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अनुशासन, सेवा भावना और समर्पण के साथ प्रशिक्षण लेने का आह्वान किया।
आपदा प्रबंधन की आधुनिक जानकारी दी गई
प्रशिक्षण के पहले दिन सभी 130 प्रतिभागियों का पंजीयन किया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने आपदा प्रबंधन की मूलभूत जानकारी, आपदा से पहले की तैयारी, अग्निशमन, भूकंप, बाढ़, लू, वज्रपा
त और सर्पदंश जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही मौसम पूर्वानुमान और आपदा संबंधी अलर्ट देने वाले मोबाइल एप्लिकेशन की उपयोगिता भी समझाई गई।
व्यावहारिक कौशल पर रहेगा विशेष जोर
आयोजकों के अनुसार सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य करने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा। इससे स्वयंसेवक भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी और त्वरित सहायता प्रदान करने में सक्षम बन सकेंगे।
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