विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले की शासकीय और अशासकीय शालाओं में एक पेड़ माँ के नाम अभियान का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना और उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। अभियान के तहत छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प भी लिया।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान का उद्देश्य
एक पेड़ माँ के नाम अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी माँ के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिला शिक्षा विभाग का मानना है कि जब छात्र किसी पौधे को अपनी माँ के नाम से जोड़ेंगे, तब उसके संरक्षण के प्रति उनका भावनात्मक लगाव भी बढ़ेगा।
विद्यालयों में शिक्षकों ने छात्रों को वृक्षों के महत्व, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
स्कूलों में हुई विभिन्न गतिविधियां
अभियान के दौरान पौधारोपण के साथ-साथ रैली, शपथ ग्रहण, चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध लेखन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाया।
शिक्षकों ने बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को पौधों की निगरानी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्षा ऋतु में चलेगा विशेष अभियान
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान आगामी जुलाई और अगस्त माह में भी जारी रहेगा। वर्षा ऋतु के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर जिले को अधिक हरित और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक पेड़ माँ के नाम अभियान एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। यह अभियान न केवल हरियाली बढ़ाएगा बल्कि नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना भी विकसित करेगा।
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