बालाघाट जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए RBSK Yojana राहत की उम्मीद बन रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हर्निया और हाइड्रोसील से पीड़ित 165 बच्चों की पहचान की गई है। इनमें से 10 बच्चों को जांच और फिटनेस परीक्षण के बाद 31 अक्टूबर को सर्जरी के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया।
RBSK Yojana से बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
कलेक्टर आदित्य सिंह के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के मार्गदर्शन में जिले में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इस अभियान के तहत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में बीमारियों और जन्मजात समस्याओं की पहचान की जाती है।
हर्निया और हाइड्रोसील से प्रभावित 165 बच्चों को चिन्हित करने के बाद उनके उपचार की प्रक्रिया शुरू की गई है। बच्चों की जांच के लिए प्रत्येक सोमवार और बुधवार को व्यवस्था की गई है। जरूरत के अनुसार उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जा रहा है।
चौथी बार 10 बच्चों को जबलपुर भेजा गया
31 अक्टूबर को जिला चिकित्सालय बालाघाट में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शुभम लिल्हारे ने 10 बच्चों की जांच और फिटनेस परीक्षण किया। इसके बाद उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर भेजा गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी सर्जरी करेगी।
सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के अनुसार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती बच्चों को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) बुलाकर जरूरी जांच करवा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. विकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में उपचार किया जा रहा है।
गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान है उद्देश्य
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का लक्ष्य बच्चों में जन्मजात विकृतियों, बीमारियों और विकास संबंधी समस्याओं की जल्द पहचान करना है। इसके जरिए जरूरतमंद बच्चों को उचित उपचार उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य के साथ सामान्य जीवन जी सकें।
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