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पर्यावरण पुरस्कार में बालाघाट का जलवा, तीन प्रथम सम्मान जीतकर जिले ने पूरे प्रदेश में बनाई पहचान

By bhumendra bisen

Published on: June 6, 2026

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पर्यावरण पुरस्कार में बालाघाट का जलवा, तीन प्रथम सम्मान जीतकर जिले ने पूरे प्रदेश में बनाई पहचान

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषित पर्यावरण पुरस्कार में बालाघाट जिले ने प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और उत्कृष्ट पर्यावरण प्रबंधन के लिए दिए गए राज्य स्तरीय पुरस्कारों में बालाघाट की तीन संस्थाओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। भोपाल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजेताओं को सम्मानित किया।

पर्यावरण पुरस्कार में बालाघाट की शानदार सफलता

इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों में कुल 11 प्रमुख पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें से तीन प्रथम पर्यावरण पुरस्कार बालाघाट जिले की संस्थाओं के नाम रहे। हजारों संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों के बीच यह उपलब्धि जिले की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाती है।

कार्यक्रम में पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहीरवार भी उपस्थित रहे। सम्मान समारोह भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित किया गया।

इथेनॉल संयंत्र को मिला प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान

वारासिवनी विकासखंड के ग्राम खापा स्थित विसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड को अति प्रदूषणकारी उद्योग श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। लगभग तीन हजार बड़ी औद्योगिक इकाइयों के बीच इस संयंत्र को उत्कृष्ट पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए चुना गया।

संयंत्र के संचालक अतुल वैद्य ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल संस्था बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।

खनन और लघु उद्योग क्षेत्र में भी मिली सफलता

बालाघाट की रमरमा खदान को सतत खनन और पर्यावरणीय प्रबंधन के लिए प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ खदान का प्रथम पुरस्कार मिला। यह खदान ए.पी. त्रिवेदी एंड संस द्वारा संचालित की जाती है।

वहीं लघु उद्योग श्रेणी में केशर एग्रोटेक को उत्कृष्ट पर्यावरण प्रबंधन के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। संस्था के प्रतिनिधियों को भी राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया।

सतत विकास का बना मॉडल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता बालाघाट में उद्योग और पर्यावरण के बीच बेहतर संतुलन का परिणाम है। जिले की संस्थाओं ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है। यही कारण है कि उन्हें प्रदेश स्तर पर पहचान मिली है।

स्थानीय नागरिकों, उद्योग जगत और प्रशासन ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह सफलता अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

निष्कर्ष

प्रदेश स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार में तीन प्रथम स्थान हासिल कर बालाघाट ने एक नई मिसाल पेश की है। यह उपलब्धि जिले की पर्यावरणीय जागरूकता, औद्योगिक उत्कृष्टता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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