balaghat news : ग्राम पाथरवाड़ा में जल मंदिर शुभारंभ के साथ जल संरक्षण और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर “जल मंदिर (प्याऊ)” की शुरुआत की, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। गर्मी के मौसम में शुरू हुआ यह प्याऊ क्षेत्रवासियों के लिए राहत का केंद्र बन गया है।
जल संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “जल ही जीवन है” केवल नारा नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का आधार है। सभी ने नागरिकों से जल का सही उपयोग करने और भविष्य के लिए इसे सुरक्षित रखने की अपील की।
“जल शक्ति से नव भक्ति” के संदेश के साथ वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों की सुरक्षा को अपनाने पर भी बल दिया गया।
श्रमदान से अभियान को मिली मजबूती
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जल सेवा को मानव सेवा मानते हुए सामूहिक संकल्प लिया। इसके बाद हेडपंप के आसपास साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सभी ने श्रमदान कर परिसर को स्वच्छ बनाया।
इस पहल से जल गंगा संवर्धन अभियान को नई ऊर्जा मिली और समाज में सकारात्मक संदेश गया।
निष्कर्ष
यह आयोजन न केवल जल सेवा का उदाहरण बना, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जागरूकता का भी प्रतीक रहा। जल मंदिर शुभारंभ से पाथरवाड़ा में जल संरक्षण को नई दिशा मिली है।
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