किरनापुर क्षेत्र में धान की फसल में माहू के प्रकोप को देखते हुए कृषि विभाग ने खेतों की निगरानी बढ़ा दी है। विभागीय मैदानी अमले ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया और किसानों को कीट नियंत्रण के उपाय बताए।
बिनोरा सहित चार गांवों में फसलों का निरीक्षण
उप संचालक कृषि बालाघाट फूलसिंह मालवीय, अनुविभागीय कृषि अधिकारी राजेश कुमार खोबरागड़े और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संजय कुमार उके के निर्देश पर कृषि विस्तार अधिकारी धर्मेंद्र कुमार बोरकर एवं गांधी घोरमारे ने क्षेत्र का भ्रमण किया।
कृषि अमला ग्राम बिनोरा, कोकना, जामडी और पानगांव पहुंचा। अधिकारियों ने किसानों के खेतों में जाकर धान की फसल की स्थिति देखी और माहू के प्रकोप की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान किसानों से फसल की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। साथ ही कीट नियंत्रण और फसल सुरक्षा को लेकर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
फसल की नियमित निगरानी की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से खेतों में फसलों की नियमित निगरानी करने को कहा है। धान की फसल में माहू के लक्षण दिखाई देने पर किसानों को तत्काल मैदानी कृषि अमले से संपर्क करने की सलाह दी गई।
भूरा माहू के नियंत्रण के लिए विभाग ने पाइमेट्रोजिन 15 प्रतिशत + डायनोटेफ्यूरॉन 45 डब्ल्यूजी, पाइमेट्रोजिन 50 डब्ल्यूजी, फेनमेजोडिटियाज या ट्रिफ्लुमेजोपाइरिम जैसे अनुशंसित कीटनाशकों के उपयोग की सलाह दी।
शीथ ब्लाइट से बचाव की भी जानकारी
धान की फसल को शीथ ब्लाइट से बचाने के लिए हेक्साकोनाजोल + वैलिडामाइसिन अथवा टेबुकोनाजोल 50 प्रतिशत + ट्राइफ्लॉक्सीस्ट्रोबिन 25 प्रतिशत के उपयोग की सलाह दी गई।
विभागीय अमले ने किसानों को यूरिया का आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल नहीं करने के लिए भी कहा। किसानों को विभाग द्वारा बताए गए उपायों के अनुसार ही फसल प्रबंधन करने की जानकारी दी गई।
किसान चौपाल में कृषि आदानों की खरीद पर जागरूकता
क्षेत्र में किसान चौपाल का आयोजन कर कृषि आदानों की खरीदारी को लेकर भी किसानों को जागरूक किया गया।
किसानों से कहा गया कि कृषि केंद्र से दवा खरीदते समय उत्पाद पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी जानकारी की पुष्टि करें। इसके बाद ही संबंधित दवा खरीदें।
DSR पद्धति से बोई धान की फसल भी देखी
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत बिनोरा के किसान नरेंद्र कुमार हाथीमारे, उमाशंकर हाथीमारे और प्रेम हाथीमारे सहित अन्य किसानों के खेतों का भी जायजा लिया गया।
इन खेतों में DSR पद्धति से बोई गई धान की फसल का निरीक्षण किया गया। कृषि विभाग द्वारा क्षेत्र की फसलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
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