Balaghat Khabar: 25 दिसंबर का दिन बालाघाट नगर के लिए आस्था, गौरव और इतिहास से जुड़ा एक अत्यंत दुर्लभ अवसर लेकर आ रहा है। इस दिन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग अंश नगर में आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ लाया जा रहा है। यह वही पवित्र अंश है, जिसे 1025 ईस्वी में हुए सोमनाथ मंदिर विध्वंस के बाद दक्षिण भारत के एक अग्निहोत्री ब्राह्मण परिवार ने सदियों तक सुरक्षित रखा। वर्षों की पूजा-अर्चना और परंपरा के बाद अब यह पावन धरोहर बालाघाट की धरती पर पहुंच रही है, जिसे सनातन धर्म के अनुयायी एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में देख रहे हैं।
1025 से 2025 तक की ऐतिहासिक यात्रा
इतिहास के अनुसार, 1025 ईस्वी में महमूद गजनवी के आक्रमण के दौरान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को क्षति पहुंची थी। उस समय इसके दो पवित्र अंश अग्निहोत्री परिवार द्वारा सुरक्षित कर लिए गए। 1924 में तत्कालीन शंकराचार्य ने भविष्यवाणी की थी कि 100 वर्ष बाद इन्हें ‘शंकर’ नामक संत को सौंपा जाएगा। इसी परंपरा के अनुसार ये अंश अब गुरुदेव श्री श्री रविशंकर को सौंपे गए और जनदर्शन के लिए लाए जा रहे हैं।
बालाघाट में शिवलिंग यात्रा और रुद्र पूजा
पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की सदस्य मौसम हरिनखेड़े के अनुसार, 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे शिवलिंग यात्रा बालाघाट के अंबेडकर चौक पहुंचेगी। यहां से शोभायात्रा कालीपुतली चौक स्थित हनुमान मंदिर तक जाएगी, जहां शाम 4 बजे रुद्र पूजा आयोजित होगी और श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग अंश के दर्शन कर सकेंगे।
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