MP News: साल 2025 में टीआई अरविंद कुजूर संदिग्ध मौत मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित और झकझोर देने वाली घटनाओं में शामिल रही। मार्च 2025 में छतरपुर कोतवाली में पदस्थ 45 वर्षीय टीआई अरविंद कुजूर ने नौगांव रोड स्थित पेप्टक टाउन स्थित अपने आवास पर फोन पर बातचीत करते हुए अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को नुकसान पहुंचाया। घटना के समय वे छतरपुर सिटी कोतवाली के प्रभारी थे और एक तेजतर्रार, अलग कार्यशैली वाले अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।
जांच में सामने आए ब्लैकमेलिंग के आरोप
घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड और एफएसएल टीमों को जांच में शामिल किया गया। जांच के दौरान टीआई अरविंद कुजूर संदिग्ध मौत मामले में ब्लैकमेलिंग के आरोप सामने आए। पुलिस ने टीआई की महिला मित्र आशी राजा उर्फ शिवांगी सिंह और सोनू राजा को आरोपी बनाया। आरोप लगाया गया कि आशी राजा टीआई से महंगी कारें, गहने और अन्य लग्जरी वस्तुओं की मांग कर रही थी। यह आरोप टीआई के परिवार की ओर से लगाए गए थे।
#अनकही: MP के दंबग TI Arvind kujur ने खौफनाक कदम BJP नेत्री की बेटी की वजह से उठाया ? ! MP Tak #Crime pic.twitter.com/BVCH4AvO5M
— MP Tak (@MPTakOfficial) March 10, 2025
परिवार, सेवा रिकॉर्ड और विवादों की पृष्ठभूमि
टीआई अरविंद कुजूर की पत्नी सागर में प्रोफेसर हैं और उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 12 और 8 वर्ष है। वे पहले पन्ना जिले के कई थानों में सेवाएं दे चुके थे। कोतवाली में हुए चर्चित पत्थरबाजी कांड के दौरान भी वही प्रभारी थे और 100 से अधिक आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। टीआई अरविंद कुजूर संदिग्ध मौत को इसी पृष्ठभूमि से जोड़कर भी देखा गया।
नौ महीने बाद जमानत, जांच अभी अधूरी
लगभग नौ महीने की न्यायिक हिरासत के बाद दिसंबर 2025 में जबलपुर हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार बानी की अदालत ने मुख्य आरोपी आशी राजा उर्फ शिवांगी को जमानत दी। अदालत में यह तर्क रखा गया कि अब तक कोई ठोस जब्ती या साक्ष्य सामने नहीं आया है। पुलिस के अनुसार अभी करीब 15 अभियोजन साक्षियों के बयान बाकी हैं। टीआई अरविंद कुजूर संदिग्ध मौत मामले में अंतिम सच अदालत की प्रक्रिया और शेष गवाहियों के बाद ही सामने आ सकेगा।
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