मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक तक केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से संकल्प से समाधान अभियान की शुरुआत 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती से की गई। चार चरणों में संचालित इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को 20 विभागों की 106 सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए पंचायत, नगरीय निकाय और जिला स्तर पर समितियों का गठन कर व्यवस्थित रूप से कार्य किया जा रहा है।
जिले में आवेदन और निराकरण की स्थिति
कलेक्टर श्री मृणाल मीना के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाकर आम नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। अब तक जिले में कुल 47 हजार 516 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 42 हजार 378 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है, जिससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष दोनों बढ़े हैं।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी
ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विकासखंडों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि नगरीय क्षेत्रों में भी वार्ड स्तर पर आयोजित शिविरों के माध्यम से नागरिकों ने योजनाओं का लाभ लेने के लिए सक्रिय भागीदारी दिखाई है। प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश शिविरों के माध्यम से और कुछ ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दर्ज किए गए हैं। कुल आवेदनों में बड़ी संख्या स्वीकृत की जा चुकी है, जबकि कुछ को नियमानुसार अस्वीकृत किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन से पारदर्शी निगरानी
अभियान के अंतर्गत प्राप्त प्रत्येक आवेदन और शिकायत को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद विभागवार संबंधित अधिकारियों को प्रकरण भेजे जा रहे हैं और उनकी निराकरण स्थिति भी पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए क्लस्टर स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
चार चरणों में होगा पूर्ण समाधान
पहले चरण के बाद शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में क्लस्टर, ब्लॉक और जिला स्तर पर आयोजित शिविरों के माध्यम से किया जाएगा। अंतिम चरण में जिला स्तर पर शिविर लगाकर सभी शेष आवेदनों का समाधान करते हुए पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरित किया जाएगा। संकल्प से समाधान अभियान प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी बनता जा रहा है।
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