MP News: मध्य प्रदेश में सड़क और परिवहन क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना के जरिए राज्य को देश का बड़ा रोड–लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में लगभग ₹6,000 करोड़ की लागत से छह एक्सप्रेसवे और छह प्रगतिपथ का निर्माण होगा, जिससे मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा।
NHAI और राज्य सरकार की बड़ी साझेदारी
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ₹28,000 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि ₹15,000 करोड़ के कार्य पहले से प्रगति पर हैं। मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर कुल ₹79,716 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इसके साथ ही भोपाल में इंजीनियरिंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना कर निर्माण गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जाएगा।
प्रगतिपथ परियोजनाओं से बदलेगा प्रदेश का नक्शा
आगामी तीन वर्षों में मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत छह प्रगतिपथ योजनाओं में 3,368 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का विकास होगा। इनमें नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेसवे, मालवा निर्माण विकास पथ, अटल प्रगतिपथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ शामिल हैं। विंध्य एक्सप्रेसवे 686 किलोमीटर लंबा होगा और जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर
नर्मदा प्रगतिपथ, मालवा निर्माण विकास पथ, अटल प्रगतिपथ और मध्य भारत विकास पथ जैसी योजनाएं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना की रीढ़ साबित होंगी। ग्वालियर–नागपुर, इंदौर–भोपाल, जबलपुर–भोपाल और भोपाल–मंदसौर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे डीपीआर या निर्माण चरण में हैं, जो प्रदेश की आर्थिक रफ्तार को नई गति देंगे।
शहरों और धार्मिक स्थलों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत प्रमुख शहरों में बायपास और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, सागर जैसे शहरों के साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
डिजिटल निगरानी और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर
भविष्य में सभी निर्माण कार्य ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर आधारित होंगे। लोकपथ ऐप के विस्तार से मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ी सड़क सुविधाएं, ब्लैक स्पॉट और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
read also: 1000 साल बाद बालाघाट में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का चमत्कारी अंश
Leave a Comment