MP News: मध्य प्रदेश में अब सड़कों का ऐसा जाल बिछने जा रहा है, जो न सिर्फ प्रदेश की तस्वीर बदलेगा बल्कि विकास की रफ्तार को भी कई गुना तेज करेगा। राज्य को जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में कई नई सौगातें मिलने वाली हैं। इसके पीछे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सक्रिय और दूरदर्शी कोशिशें साफ दिखाई दे रही हैं। हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से हुई अहम मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश को नई सड़क नीति मिलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ चुका है।
दिल्ली बैठक से मिली नई सड़क नीति की दिशा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि प्रदेशवासियों को परिवहन से जुड़ी किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसी उद्देश्य से दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश से जुड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस उन परियोजनाओं पर रहा, जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और वन स्वीकृति जैसी बाधाओं के कारण अटकी हुई थीं। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से इन परियोजनाओं को शीघ्र गति देने पर सहमति बनी।

राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार और भविष्य की रणनीति
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को किस रणनीति के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। हाल ही में जबलपुर क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बनाए गए राजमार्ग ने देशभर में चर्चा बटोरी थी। इसी मॉडल पर आगे भी ऐसी सड़कें विकसित करने की योजना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिल सके।
अटल प्रगति पथ: चंबल अंचल के लिए बड़ी सौगात
इस बैठक में अटल प्रगति पथ को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड और चंबल अंचल को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर न केवल मध्य प्रदेश बल्कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर को भी मजबूत कनेक्टिविटी देगा। लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मार्ग दिल्ली एनसीआर की दूरी को घटाकर मात्र 4 से 5 घंटे का कर देगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निवेश, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश में हुए इन्वेस्टर समिट्स के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आया है। नई सड़क नीति और राजमार्गों के विस्तार से निवेशकों को एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में सुविधा मिलेगी। साथ ही, कूनो क्षेत्र में चल रहे चीता प्रोजेक्ट के चलते पर्यटन को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली बेहतर सड़कें आर्थिक गतिविधियों को और सशक्त करेंगी।
विकास की ओर मजबूत कदम
दिल्ली में हुई यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क परियोजनाओं को जल्द शुरू किए जाने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में नई सड़क नीति राज्य के विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली है।
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