तिरोड़ी में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹5 लाख की अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस तिरोड़ी ब्लैकमेल कांड में एक 48 वर्षीय व्यापारी की लिखित शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एमबीबीएस के छात्र और उसके पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में डर और चर्चा का माहौल बना दिया है।
मोबाइल रिपेयरिंग से शुरू हुई ब्लैकमेलिंग की कहानी
पीड़ित व्यक्ति की तिरोड़ी में गिफ्ट सेंटर की दुकान है। जानकारी के अनुसार, उनके मोबाइल में निजी संबंधों से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो था, जिसे उन्होंने गैलरी से डिलीट कर दिया था, लेकिन वह किसी एप्लिकेशन में सुरक्षित रह गया। मोबाइल खराब होने पर उसे एक रिपेयरिंग शॉप में दिया गया था, जहां से वीडियो के गलत हाथों में जाने की आशंका जताई गई है। कुछ समय बाद अज्ञात कॉलर ने वीडियो वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर पैसों की मांग शुरू कर दी, जिससे तिरोड़ी ब्लैकमेल कांड ने गंभीर रूप ले लिया।
धमकी, गाली-गलौज और ₹5 लाख की मांग
17 दिसंबर 2025 को पीड़ित को कॉल कर न सिर्फ अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि उसकी पत्नी को भी अपमानित किया गया। आरोपियों ने ₹5 लाख न देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। कॉल, ऑडियो स्क्रीनशॉट और ट्रूकॉलर डिटेल्स से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिससे तिरोड़ी ब्लैकमेल कांड की परतें खुलने लगीं।
नागपुर से गिरफ्तारी, पिता-पुत्र जेल भेजे गए
मोबाइल लोकेशन के आधार पर तिरोड़ी पुलिस की टीम नागपुर जिले के वाघोली गांव पहुंची, जहां से मुख्य आरोपी हर्षल मेश्राम को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ब्लैकमेलिंग में उसके पिता दिलीप मेश्राम की भी भूमिका थी। दोनों को गिरफ्तार कर वारा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में शामिल एक 15 वर्षीय नाबालिग को बाल न्यायालय से जमानत मिली है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई से मिला संदेश
तिरोड़ी ब्लैकमेल कांड में पुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराधों पर सख्ती बरती जाएगी, ताकि आम नागरिकों की सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा बनी रहे।
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