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आंगनवाड़ी मोबाइल ऐप प्रशिक्षण से बदलेगी व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति अब फोटो और GPS से होगी दर्ज

By bhumendra bisen

Published on: March 14, 2026

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आंगनवाड़ी मोबाइल ऐप प्रशिक्षण से बदलेगी व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति अब फोटो और GPS से होगी दर्ज

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जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर मृणाल मीणा की पहल पर एक अभिनव कदम उठाया गया है। इसी दिशा में राइज बालगिनती ऐप के माध्यम से अब आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों की दैनिक उपस्थिति की निगरानी की जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए 13 मार्च को कलेक्टर सभाकक्ष में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक से केन्द्रों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।

फोटो के जरिए दर्ज होगी बच्चों की उपस्थिति

प्रशिक्षण में बताया गया कि नई प्रणाली के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन केन्द्र में उपस्थित बच्चों की फोटो लेकर राइज बालगिनती ऐप में अपलोड करनी होगी। ऐप फोटो के आधार पर बच्चों की संख्या का आकलन करेगा और साथ ही केन्द्र की जीपीएस लोकेशन, फोटो लेने की तिथि तथा समय स्वतः दर्ज हो जाएगा। इस डेटा की निगरानी जिला स्तर पर की जाएगी, जिससे स्पष्ट हो सकेगा कि किस दिन किस केन्द्र में कितने बच्चे उपस्थित रहे। इस व्यवस्था से फर्जी उपस्थिति की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

आंगनवाड़ी मोबाइल ऐप प्रशिक्षण से बदलेगी व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति अब फोटो और GPS से होगी दर्ज

AI तकनीक से तुरंत पहुंचेगी रिपोर्ट

इस ऐप की खासियत यह है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को केवल एक फोटो खींचकर अपलोड करना होगा। इसके बाद राइज बालगिनती ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से बच्चों की संख्या का स्वतः आकलन कर लेगा और रिपोर्ट तुरंत अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी पोषण योजनाओं का लाभ सही बच्चों तक पहुंचे और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो सके।

मध्यप्रदेश की महिला उद्यमियों की पहल

आंगनवाड़ी केन्द्रों की निगरानी के लिए लॉन्च किया गया राइज बालगिनती ऐप इंदौर स्थित राइजिंग डाइन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। खास बात यह है कि यह तकनीक मध्यप्रदेश की महिला उद्यमियों द्वारा तैयार की गई है। यह पहल सरकार के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और भविष्य में आंगनवाड़ी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी।

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