कृषि महाविद्यालय मुरझड़ में इंटरनेट सुरक्षा दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ तथा संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा बिसेन ने किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की आदत विकसित करना था।
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की आवश्यकता
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वक्ताओं ने “सेफ क्लिक” की अवधारणा को विस्तार से समझाया और बताया कि फिशिंग लिंक, फर्जी ईमेल, ओटीपी धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाओं से किस प्रकार बचा जा सकता है। प्रतिभागियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग का आह्वान
अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख ने अपने संबोधन में कहा कि आज कृषि शिक्षा और अनुसंधान भी डिजिटल माध्यमों पर आधारित हो गए हैं, इसलिए साइबर सुरक्षा की जानकारी हर छात्र और शिक्षक के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सभी को डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। यह कार्यशाला न केवल इंटरनेट सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रही, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महाविद्यालय का महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई।
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