केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर नई योजना लागू किए जाने के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। देशव्यापी आह्वान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी बालाघाट ने 21 दिसंबर को बालाघाट के हनुमान चौक पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मनरेगा नाम परिवर्तन विरोध में नेताओं का आरोप
धरना प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बहर विधायक संजय ईके, बालाघाट विधायक अनुभव मुचारे, वारासिवनी विधायक विवेक विक्की पटेल, पूर्व विधायक पुष्पलता कावरे और हिना कावरे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रारंभ में उपस्थिति को लेकर चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के पहुंचते ही प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को समाप्त कर केवल नाम बदलने का काम कर रही है।
अधिकार आधारित योजनाओं पर खतरे का आरोप
जिला अध्यक्ष संजय ईके ने कहा कि कांग्रेस शासन में बनी अधिकार आधारित योजनाओं के जरिए गरीबों को सम्मान के साथ रोजगार मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन अधिकारों को कमजोर कर लाभार्थी योजनाओं के सहारे सत्ता बनाए रखना चाहती है। संजय ईके ने स्पष्ट किया कि एआईसीसी के निर्देश पर कांग्रेस मनरेगा को लेकर अपनी लड़ाई लगातार जारी रखेगी।
किसान, बेरोजगारी और सरकार की नीतियां
धरने में नेताओं ने किसानों की समस्याओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, सस्ते खाद-बीज और बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि भर्तियां निकलने के बावजूद नियुक्तियां नहीं दी जा रहीं और भ्रष्टाचार के कारण युवा बेरोजगार हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा की गारंटी देने वाली योजनाएं उसी की देन हैं, जबकि भाजपा केवल उनके नाम बदल रही है। इसी के विरोध में बालाघाट सहित देशभर में यह आंदोलन किया जा रहा है।
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