भावांतर योजना सरसों खरीदी को लेकर जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस वर्ष भावांतर योजना सरसों खरीदी 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक जारी रहेगी, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा।
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
भावांतर योजना सरसों खरीदी के तहत जिले में 2154 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। यह योजना किसानों की आय को सुरक्षित करने के लिए लागू की गई है, ताकि बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
ई-मंडी के जरिए होगी खरीदी प्रक्रिया
भावांतर योजना सरसों खरीदी के सुचारू संचालन के लिए जिले की सात मंडी समितियों—बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी, खैरलांजी, लालबर्रा, मोहगांव और परसवाड़ा—में ई-मंडी व्यवस्था लागू की गई है। यहां सरसों की खरीदी पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
प्रशासन की अपील और जरूरी निर्देश
भावांतर योजना सरसों खरीदी को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने किसानों से समय पर पंजीयन और ई-भुगतान प्रणाली से जुड़ने की अपील की है। बैठक में अधिकारियों ने सरसों के रकबे के सत्यापन और व्यापारियों के स्टॉक की जांच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की।
प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाएं और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
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