Balaghat News: मिशन 2026 के तहत बालाघाट जिले में नक्सलियों की सशस्त्र हिंसा पर प्रभावी रूप से विराम लग गया है। एमएमसी जोन में लाल आतंक को करारा झटका लगा है और जिले को सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त घोषित करने की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है। मार्च 2026 को नक्सलवाद के समूल खात्मे की तय तिथि से पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लेना सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
आत्मसमर्पण के बाद बड़े खुलासे
आत्मसमर्पित नक्सलियों की निशानदेही पर जंगलों में छिपाकर रखी गई नकदी और हथियारों की लगातार बरामदगी हो रही है। पूछताछ के दौरान बालाघाट जिले के विभिन्न जंगल क्षेत्रों से ₹11 लाख 57 हजार से अधिक नकद राशि बरामद की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है। इसके साथ ही राइफल, ग्रेनेड लॉन्चर, पिस्तौल, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
हार्डकोर नक्सलियों का आत्मसमर्पण
पुलिस के अनुसार, इस वर्ष मध्य प्रदेश में अब तक 13 हार्डकोर वर्दीधारी नक्सलियों ने भारत के संविधान पर आस्था जताते हुए हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है, जबकि 10 हार्डकोर नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं। 11 दिसंबर को प्रदेश में बचे अंतिम दो नक्सलियों ने भी शासन की नीतियों पर भरोसा जताते हुए आत्मसमर्पण कर दिया।
सुरक्षा बलों की सर्चिंग तेज
हॉकफोर्स, सीआरपीएफ कोबरा बटालियन और जिला पुलिस बल द्वारा जंगलों में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है। इसी अभियान के तहत किरनापुर क्षेत्र के सिरका जंगल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि बालाघाट में नक्सलवाद समाप्त करने का अभियान अब अपने अंतिम चरण में है।
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