मध्यप्रदेश के बालाघाट जिला से एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है जहां गरीब और जरूरतमंद महिलाएं सरकार की लाड़ली बहना योजना का लाभ पाने के लिए भटकती नजर आ रही हैं महिलाओं का कहना है कि योजना शुरू होने के बाद भी उनके जीवन में कोई राहत नहीं आई
दहिग्रावा गांव की महिलाओं को नहीं मिली एक भी किस्त
लांजी तहसील के किरनापुर क्षेत्र के दहिग्रावा गांव की कई महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और अपनी पीड़ा रखी महिलाओं ने बताया कि उन्होंने लाड़ली बहना योजना के लिए वर्ष 2023 में आवेदन किया था लेकिन आज तक उन्हें एक भी किस्त नहीं मिली पहले भी संबंधित विभागों में शिकायत की गई लेकिन हर बार उनकी फाइल दबा दी गई
आर्थिक हालत दिन पर दिन होती गई कमजोर
योजना की राशि नहीं मिलने से महिलाओं की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर इन महिलाओं के लिए घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है महिलाओं का कहना है कि यह योजना उनके लिए उम्मीद की किरण थी लेकिन वह भी अब टूटती नजर आ रही है
अपात्रों को लाभ मिलने का लगाया आरोप
महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन परिवारों के पास कई वाहन हैं और यहां तक कि कुछ सरकारी कर्मचारी भी योजना का लाभ ले रहे हैं जबकि असली हकदार महिलाएं आज भी खाली हाथ हैं महिला गीता सेलोकर ने कहा कि यह योजना गरीब महिलाओं के लिए थी लेकिन इसका लाभ ताकतवर लोगों तक सीमित होकर रह गया
अधिकारियों के जवाबों से बढ़ी नाराजगी
महिलाओं ने बताया कि गांव के सचिवों ने पहले आश्वासन दिया था कि नाम जुड़ जाएगा लेकिन बाद में कहा गया कि योजना बंद हो रही है या पोर्टल बंद है इसी वजह से उन्हें हर महीने मिलने वाली 1500 रुपये की सहायता नहीं मिल पाई अब महिलाएं प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठी हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा
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