balaghat news: अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2 फरवरी को बालाघाट में जिला स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास कलेक्टर श्री मृणाल मीना के निर्देशानुसार होमगार्ड लाइन, आकाशवाणी के सामने आयोजित किया गया, जिसमें बाढ़ आपदा रिस्पॉन्स टीम, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, एसडीईआरएफ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अग्नि दुर्घटना से पहले और बाद की आपदा प्रबंधन रणनीतियों को व्यवहारिक रूप से परखना और आपसी समन्वय को मजबूत करना था।
राहत एवं बचाव तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण
मॉक ड्रिल के दौरान फायर टीम, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन एसडीईआरएफ टीम ने आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह समझाया गया कि सीमित समय में संसाधनों का सही उपयोग कैसे किया जाए और आपदा के दौरान समन्वय बनाए रखना कितना आवश्यक है।
कई विभागों की संयुक्त भागीदारी
इस अभ्यास में संयुक्त कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार कौरव, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट आपदा प्रबंधन एसडीईआरएफ श्रीमती रजनी खटीक सहित पुलिस विभाग, वन विभाग, शासकीय जिला चिकित्सालय बालाघाट और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से वास्तविक आपदा के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है।
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