गेहूं खरीदी 07 अप्रैल से जिले में शुरू होने जा रही है, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रबी विपणन मौसम 2026-27 के तहत किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। गेहूं खरीदी 07 अप्रैल से शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए जिले में 13 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए हैं, जहां सुचारु रूप से खरीदी प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
MSP और बोनस से किसानों को मिलेगा लाभ
गेहूं खरीदी 07 अप्रैल के तहत इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा शासन द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी आर.के. ठाकुर के अनुसार, इन केंद्रों का चयन इस तरह किया गया है कि अधिक से अधिक किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकें और उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके।
खरीदी केंद्रों पर पूरी तैयारी
गेहूं खरीदी 07 अप्रैल को ध्यान में रखते हुए सभी उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। खरीदी प्रक्रिया एफ.ए.क्यू. मापदंडों के अनुसार होगी, वहीं नॉन-एफ.ए.क्यू. गेहूं की सफाई के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों पर बड़ा छन्ना, पंखा, क्लीनिंग और ग्रेडिंग मशीन के साथ नमी मापक यंत्र भी उपलब्ध रहेंगे। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित समितियों को सौंपी गई है।
इन क्षेत्रों में बनाए गए उपार्जन केंद्र
गेहूं खरीदी 07 अप्रैल के लिए जिले की विभिन्न तहसीलों जैसे बालाघाट, किरनापुर, लांजी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, कटंगी, बैहर, बिरसा और परसवाड़ा क्षेत्रों में उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर सहकारी समितियों के माध्यम से खरीदी की जाएगी, जिससे किसानों को नजदीकी स्थान पर सुविधा मिल सके।
प्रशासन की किसानों से अपील
गेहूं खरीदी 07 अप्रैल को लेकर जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर अपनी उपज का विक्रय करें। इससे उन्हें शासन की समर्थन मूल्य योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा। गेहूं खरीदी 07 अप्रैल किसानों के लिए बेहतर आय का अवसर साबित हो सकती है।
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