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Methi Ki Kheti: सिर्फ 35–40 दिनों में मेथी और फूलगोभी की Intercropping से ₹1.25 लाख तक कमाई का गणित समझें - Taza Sanket
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Methi Ki Kheti: सिर्फ 35–40 दिनों में मेथी और फूलगोभी की Intercropping से ₹1.25 लाख तक कमाई का गणित समझें

By Sonu bisen

Published on: October 18, 2026

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Methi Ki Kheti: सिर्फ 35–40 दिनों में मेथी और फूलगोभी की Intercropping से ₹1.25 लाख तक कमाई का गणित समझें

सर्दियों के मौसम में किसान मेथी की खेती के साथ फूलगोभी लगाकर अतिरिक्त आमदनी हासिल करने की योजना बना सकते हैं। एक कृषि वीडियो में दावा किया गया है कि एक एकड़ में दोनों फसलों की इंटरक्रॉपिंग से लगभग ₹1.25 लाख तक का मुनाफा संभव है। हालांकि, वास्तविक कमाई बाजार भाव, उत्पादन, मौसम और खेती की लागत पर निर्भर करेगी।

Methi Ki Kheti के साथ कौन-सी फसल लगाएं?

मेथी के साथ फूलगोभी या पत्तागोभी की खेती इंटरक्रॉपिंग के रूप में की जा सकती है। वीडियो में बताया गया है कि मेथी की बुवाई के बाद जब खेत में अंकुर निकलने लगें, तब फूलगोभी या पत्तागोभी के पौधों की रोपाई की जा सकती है।

इस तरीके का उद्देश्य खेत की उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करना और दोनों फसलों से आमदनी प्राप्त करना है। हालांकि, फसलों के बीच उचित दूरी और पोषण प्रबंधन का ध्यान रखना जरूरी है।

Methi Ki Kheti: सिर्फ 35–40 दिनों में मेथी और फूलगोभी की Intercropping से ₹1.25 लाख तक कमाई का गणित समझें

मेथी की बुवाई और खाद प्रबंधन

सबसे पहले खेत तैयार करके क्यारियां बनाएं। वीडियो में प्रति एकड़ खेत की तैयारी के समय 35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश, 15 किलो सल्फर और डेढ़ बोरी डीएपी डालने का सुझाव दिया गया है।

बुवाई से पहले बीज उपचार पर भी जोर दिया गया है। वीडियो में कार्बेन्डाजिम 12% और मैनकोजेब 63% वाले फफूंदनाशक की 5–10 ग्राम मात्रा प्रति किलो बीज में मिलाने की बात कही गई है। हालांकि, दवा की मात्रा उत्पाद के लेबल, फसल और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही तय करें।

बीजों को क्यारियों में छिड़ककर ऊपर से मिट्टी की पतली परत डालें। इसके बाद हल्की सिंचाई करें। मेथी के छोटे बीजों को बहुत गहराई में नहीं बोना चाहिए।

फूलगोभी की खाद और कीट नियंत्रण

वीडियो के अनुसार, फूलगोभी या पत्तागोभी की रोपाई के 15–20 दिन बाद यूरिया देने और मेथी की कटाई के बाद अतिरिक्त खाद प्रबंधन करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, खाद की वास्तविक मात्रा मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के अनुसार तय होनी चाहिए।

शुरुआती अवस्था में नीम तेल आधारित उत्पादों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है। वीडियो में एक लीटर पानी में 3 मिलीलीटर नीम तेल मिलाने की बात कही गई है। किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें।

फूलगोभी में इल्ली और पत्ती धब्बा जैसे रोग या कीट दिखाई देने पर फसल का निरीक्षण करें। रासायनिक दवाओं का छिड़काव केवल सही पहचान और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के बाद करें। कटाई के अंतराल और सुरक्षा निर्देशों का पालन भी जरूरी है।

एक एकड़ से कितनी कमाई का दावा?

वीडियो में मेथी का संभावित उत्पादन 40 क्विंटल प्रति एकड़ और औसत बिक्री भाव ₹12 प्रति किलो माना गया है। इस हिसाब से मेथी की सकल बिक्री लगभग ₹48,000 बैठती है।

वहीं, फूलगोभी का उत्पादन 100 क्विंटल और बिक्री भाव ₹10 प्रति किलो मानने पर सकल बिक्री ₹1 लाख हो सकती है। दोनों फसलों को मिलाकर अनुमानित सकल आमदनी ₹1.48 लाख बनती है।

वीडियो में दोनों फसलों की संयुक्त लागत लगभग ₹25,000 बताई गई है। इस अनुमान के आधार पर संभावित मुनाफा ₹1.23 लाख बनता है, न कि ₹1.25 लाख। यह केवल दिए गए उत्पादन, भाव और लागत पर आधारित गणना है।

खेती शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मेथी और फूलगोभी की इंटरक्रॉपिंग से आमदनी बढ़ने की संभावना हो सकती है, लेकिन उत्पादन और बाजार भाव की गारंटी नहीं होती। बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी, परिवहन और मंडी खर्च सहित सभी लागतों को जोड़कर ही वास्तविक मुनाफे का अनुमान लगाएं।

बुवाई से पहले अपने क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से मिट्टी, मौसम, फसल की दूरी और खाद प्रबंधन पर सलाह लेना बेहतर रहेगा।

Sonu bisen

मेरा नाम सोनू बिसेन है। मैं एक लेखक हु और TazaSanket.com पर लेखन का काम करता हूं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैं मध्य प्रदेश, विशेष रूप से बालाघाट ज़िले की ताज़ा एवं क्रिकेट न्यूज़ और विश्वसनीय लोकल खबरें पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करता हूं

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