balaghat update: जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 22 मई 2026 को जनपद पंचायत खैरलांजी में जल गुणवत्ता जांच प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उपखंड कटंगी द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में मिरगपुर, मोवाड़, आरम्भा और भेंडारा सेक्टर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाइजरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी को मजबूत बनाना था।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सिखाई गई जांच तकनीक
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से पानी की जांच करना सिखाया गया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को बताया कि पानी में मौजूद फ्लोराइड, आयरन, कठोरता और pH मान की पहचान कैसे की जाती है। इस दौरान कुल 98 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की एफटीके यूजर आईडी भी बनाई गई। साथ ही स्कूलों और आंगनवाड़ियों से लाए गए पानी के नमूनों की मौके पर जांच कराई गई।
मानसून से पहले होगी जल स्रोतों की जांच
महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी लकेश ऊके ने निर्देश दिए कि सभी कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में कुओं, हैंडपंपों और नल-जल योजनाओं की मानसून पूर्व जांच करें। वहीं उपयंत्री अजय भरतकर ने कहा कि सभी पेयजल स्रोतों की साल में कम से कम दो बार जांच जरूरी है।
गांवों में मिलेगा सुरक्षित पेयजल
अधिकारियों के अनुसार यह जल गुणवत्ता जांच प्रशिक्षण गांव स्तर पर जल निगरानी को मजबूत करेगा। इससे आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों तथा नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
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