Balaghat Update: बालाघाट जिला चिकित्सालय में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और मरीजों के लिए “मुस्कान ओपीडी” नई उम्मीद बनकर सामने आई है। जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रत्येक शुक्रवार को विशेष फॉलोअप क्लिनिक शुरू किया है, जहां मरीजों को नि:शुल्क जांच, विशेषज्ञ परामर्श, इंसुलिन और ग्लूकोमीटर जैसी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को बेहतर उपचार के साथ सुरक्षित जीवन देना है।
हर शुक्रवार मिल रही विशेष सुविधा
टाइप-1 डायबिटीज क्लिनिक प्रत्येक शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर मृणाल मीना ने 8 मई को क्लिनिक का निरीक्षण किया और वहां उपचार ले रहे बच्चों से बातचीत की। इस दौरान बच्चों को नि:शुल्क ग्लूकोमीटर और इंसुलिन भी वितरित किए गए। निरीक्षण के समय स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर मौजूद रहे।

मरीजों के लिए बड़ी राहत बनी मुस्कान ओपीडी
यह क्लिनिक मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन रहा है। पहले मरीजों को अलग-अलग विभागों में जाना पड़ता था, लेकिन अब सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार टाइप-1 डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है। ऐसे मरीजों को नियमित इंसुलिन थेरेपी की जरूरत पड़ती है।
मुफ्त मिल रही जरूरी चिकित्सा सेवाएं
क्लिनिक में मरीजों को हर महीने नियमित स्वास्थ्य जांच, इंसुलिन डोज प्रबंधन, मेडिकल परामर्श और जटिलताओं की पहचान जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा एक माह की मुफ्त इंसुलिन, सीरिंज और 100 टेस्ट स्ट्रिप्स भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टर मरीजों और उनके परिवारों को मधुमेह प्रबंधन और सही जीवनशैली की जानकारी भी दे रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर उदाहरण
बालाघाट जिला अस्पताल की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को जनहित से जोड़ने का उत्कृष्ट उदाहरण बन रही है। टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित बच्चों को अब बेहतर उपचार और सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद मिल रही है। यह क्लिनिक आने वाले समय में कई परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
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