balaghat khabar: जल जीवन मिशन नलजल योजना समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सख्त रुख अपनाते हुए अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताई। 18 फरवरी को आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम के अधिकारियों के साथ ठेकेदारों को भी तलब किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नलजल योजनाओं में शत-प्रतिशत एफएचटीसी कनेक्शन 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले की उपलब्धि और शेष कार्य
बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 99.24 प्रतिशत नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं और प्रदेश में जिला चौथे स्थान पर है। कुल 897 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिनमें से 655 ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। हालांकि 1041 नल कनेक्शन अभी शेष हैं। अधूरा कार्य छोड़ने वाले 12 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव मुख्य अभियंता को भेजा गया है।
read also: कलेक्टर की सख्ती, 400 दिन से लंबित शिकायतों की CM हेल्पलाइन में समक्ष सुनवाई

ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने मेसर्स एवी कंस्ट्रक्शन्स रीवा, मिश्रा कंस्ट्रक्शन रीवा और मेसर्स मुकेश मानेश्वर बालाघाट की एफडी बैंक से कैश कर राजसात करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो मशीनरी जब्त कर थाने में खड़ी कराई जाएगी। अन्य संबंधित ठेकेदारों को भी 15 मार्च तक कार्य पूर्ण करने का अंतिम निर्देश दिया गया।
पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
बैठक में भटेरा नलजल योजना में खराब पानी की शिकायत पर जल निगम को पानी की जांच कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन नलजल योजना समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन अब समयबद्ध कार्य और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगा।
read also: ग्राम राशिमेटा-झकोरदा सड़क: 3.40 करोड़ से बनेगी विकास की नई राह, ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
Leave a Comment