लालबर्रा अतिकुपोषित बच्चों स्वास्थ्य शिविर न केवल एक सरकारी कार्यक्रम था, बल्कि यह मानवीय संवेदना और जनसहयोग की मिसाल बनकर सामने आया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना के निर्देशानुसार 24 जनवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अतिकुपोषित बच्चों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 76 अतिकुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें आवश्यक दवाएं निःशुल्क प्रदान की गईं।
डॉक्टरों की देखरेख में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर के दौरान डॉ. मुकेश चौहान और डॉ. तृप्ति पाठक द्वारा बच्चों का गहन परीक्षण किया गया। बच्चों के पोषण स्तर, शारीरिक विकास और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए दवाओं का वितरण किया गया। यह पूरा कार्यक्रम परियोजना अधिकारी श्रीमती रानू शिवहरे के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे लालबर्रा अतिकुपोषित बच्चों स्वास्थ्य शिविर को प्रभावी दिशा मिली।
जनसहयोग से तैयार हुए फूड बास्केट
कार्यक्रम की सबसे सराहनीय पहल कुपोषित बच्चों को गोद लेकर फूड बास्केट वितरण रही। लालबर्रा ब्लॉक के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आपसी सहयोग से 7,500 रुपये की राशि महिला एवं बाल विकास विभाग को दान स्वरूप प्रदान की। इस राशि से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों द्वारा पोषणयुक्त फूड बास्केट तैयार किए गए, जिन्हें एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाया गया।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
लालबर्रा परियोजना के सभी सेक्टर पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को न्यूट्रीशन किट और होम सेरेलक के साथ शिविर स्थल तक लाकर अत्यंत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। यह सामूहिक प्रयास लालबर्रा अतिकुपोषित बच्चों स्वास्थ्य शिविर की सफलता का मजबूत आधार बना।
कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में संकल्प
एसडीएम श्री जायसवाल ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए भविष्य में ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास परियोजना लालबर्रा द्वारा भी फील्ड स्तर पर निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया गया, ताकि कुपोषण मुक्त समाज का सपना साकार हो सके।
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