Balaghat News: किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगे, इसी उद्देश्य से बालाघाट जिले में ई-टोकन खाद वितरण व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नई प्रणाली के तहत अब किसानों को दुकानों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने की मजबूरी नहीं रहेगी। वे घर बैठे ऑनलाइन ई-कृषि पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन जनरेट कर खाद बुक कर सकेंगे और निर्धारित समय पर आसानी से खाद प्राप्त कर पाएंगे।
चरणबद्ध रूप से लागू होगी नई प्रणाली
उप संचालक कृषि फुलसिंह मालवीय ने जानकारी दी कि बालाघाट जिले में ई-टोकन खाद वितरण व्यवस्था 1 जनवरी से चरणबद्ध रूप से लागू की जा रही है। ई-टोकन जनरेट होने के बाद किसान को तीन दिन के भीतर निर्धारित दुकान से खाद लेना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा में खाद नहीं लेने पर ई-टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा, जिससे अनावश्यक बुकिंग और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
ऑनलाइन निगरानी से खत्म होगी कालाबाजारी
इस व्यवस्था के अंतर्गत जिले की सभी खाद दुकानों को ई-कृषि पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे दुकानवार स्टॉक, बिक्री और वितरण की ऑनलाइन निगरानी संभव होगी। ई-टोकन खाद वितरण प्रणाली वैज्ञानिक आधार पर संचालित होगी, जिसमें किसान की भूमि, फसल क्षेत्र और वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल कालाबाजारी रुकेगी, बल्कि अनियमित भंडारण और मनमानी भी समाप्त होगी।
फार्मर आईडी अनिवार्य, तभी मिलेगा खाद
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-टोकन खाद वितरण के तहत प्रत्येक किसान के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। जिन किसानों की फार्मर आईडी पहले से बनी है, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उसमें सभी खसरे सही तरीके से जुड़े हों। जिनकी आईडी अभी नहीं बनी है, वे पटवारी, सचिव या नजदीकी ऑनलाइन सेंटर से संपर्क कर शीघ्र प्रक्रिया पूरी करें।
किसानों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ई-कृषि पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें। यह व्यवस्था रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार खाद समय पर मिल सकेगी।
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