बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित रहे 100 चिन्हित गांवों में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने लांजी विकासखंड की देवरबेली पंचायत के चार गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने शिक्षा, बिजली, पेयजल, सड़क और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए।
Balaghat News: चार गांवों का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने बरगुड़-सतोना, केराडीह, संदुका और सायर गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद किया। किसानों को अलसी, सरसों और उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कोदो-कुटकी पंजीयन और पेयजल की समस्या दूर करने पर जोर दिया।
स्कूल, बिजली और रोजगार पर जोर
केराडीह गांव में प्राथमिक शाला खोलने और बिजली लाइन बिछाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। कलेक्टर ने वन अधिकार पट्टों से जुड़े मामलों तथा महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
दिसंबर 2026 तक सड़क निर्माण का लक्ष्य
दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ निर्माणाधीन हर्राडेही-देवरबेली सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट की कटाई का काम सुगम तरीके से कराने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
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