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Balaghat Village Development: 100 गांवों की बदलेगी तस्वीर, 14 दिन तक दौरा करेंगे अधिकारी

By Sonu bisen

Published on: October 27, 2026

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Balaghat Village Development: 100 गांवों की बदलेगी तस्वीर, 14 दिन तक दौरा करेंगे अधिकारी

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। Balaghat Village Development अभियान के तहत अधिकारी अगले 14 दिनों तक गांवों का भ्रमण करेंगे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों की जानकारी जुटाएंगे। इसके आधार पर सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। कलेक्टर आदित्य सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

Balaghat Village Development के लिए 100 गांव चार क्लस्टर में बांटे

कलेक्टर आदित्य सिंह के निर्देश पर जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों को चार क्लस्टर में विभाजित किया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवंटित गांवों में जाकर मौजूदा सुविधाओं का आकलन करने और ग्रामीणों की प्राथमिकताएं समझने की जिम्मेदारी दी गई है।

अधिकारियों को निर्धारित 14 दिनों के भीतर भ्रमण पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी है। इस रिपोर्ट के आधार पर गांवों में आवश्यक विकास कार्यों की योजना बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।

सड़क, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं पर जोर

अभियान के दौरान गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, सिंचाई, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन और बिजली की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों की टीमें ग्रामीणों से चर्चा कर यह जान रही हैं कि किन सुविधाओं की सबसे अधिक जरूरत है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का विकास करना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सेवाओं को भी मजबूत बनाना है। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।

कृषि और रोजगार के नए अवसर तलाशे जाएंगे

गांवों में लोगों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, डेयरी और उद्योग से जुड़े अवसरों की भी पहचान की जा रही है। संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आजीविका के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।

जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभाग शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। विशेष रूप से युवाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से किया संवाद

26 अक्टूबर को लांजी एसडीएम आदित्य नारायण तिवारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने कट्टीपार, सतोना, बरगुड़ और देवरबेली गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई।

वहीं, बैहर एसडीएम अनिकेत शांडिल्य के नेतृत्व में टीम ने दड़ेकसा, बिलालकसा, सोनगुड्डा, लूद, हिर्री, भर्री, सोनपुरी और बिठरी गांवों का भ्रमण किया।

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री मनोज धुर्वे ने किरनापुर क्षेत्र के सीतापार और बोरवन गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर ने उकवा-बिठली क्षेत्र के छात्रावासों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इसके अलावा उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. घनश्याम परते, उप संचालक मत्स्योद्योग पूजा रोडगे और सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक जी.पी. बर्मन भी अपनी टीमों के साथ संबंधित क्षेत्रों में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की जरूरतों और विकास की संभावनाओं के बारे में जानकारी जुटाई।

14 दिन में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश

कलेक्टर आदित्य सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में आवंटित गांवों का भ्रमण पूरा करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

प्रशासन की योजना है कि ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। इससे गांवों में सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

बालाघाट जिले के इन 100 गांवों में चल रहा अभियान स्थानीय जरूरतों की पहचान कर योजनाबद्ध विकास करने पर केंद्रित है। अधिकारियों के दौरे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में पहले काम करने की आवश्यकता है।

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि गांवों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों और ग्रामीणों को आजीविका के बेहतर विकल्प मिलें। अब अभियान की प्रगति और प्रस्तावित विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।

Sonu bisen

मेरा नाम सोनू बिसेन है। मैं एक लेखक हु और TazaSanket.com पर लेखन का काम करता हूं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैं मध्य प्रदेश, विशेष रूप से बालाघाट ज़िले की ताज़ा एवं क्रिकेट न्यूज़ और विश्वसनीय लोकल खबरें पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करता हूं

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