बालाघाट जिले के जिला अस्पताल बालाघाट में उस समय प्रशासनिक हलचल देखने को मिली जब कलेक्टर मृणाल मीणा ने 30 दिसंबर को अचानक अस्पताल का निरीक्षण किया कलेक्टर ने अलग अलग विभागों में जाकर व्यवस्थाओं को देखा और मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए निरीक्षण के दौरान मरीजों की सुविधा को लेकर सख्ती साफ नजर आई
पैथोलॉजी लैब ब्लड बैंक और किचन पर फोकस
कलेक्टर ने पैथोलॉजी लैब में जांच प्रक्रिया सैंपल लेने और रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था की जानकारी ली बताया गया कि लैब एक आउटसोर्स कंपनी चला रही है और रोजाना अधिक सैंपल होने के बावजूद स्टाफ नहीं बढ़ाया गया इस पर कलेक्टर ने विभागीय मुख्यालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए ब्लड बैंक के निरीक्षण में तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की जरूरत बताई गई वहीं अस्पताल की किचन में साफ सफाई और मरीजों को तय मेन्यू के अनुसार भोजन देने के आदेश दिए गए
इमरजेंसी पार्किंग और ड्रेनेज पर सख्त कार्रवाई
इमरजेंसी वार्ड में कलेक्टर ने 24 घंटे इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की इसके बाद ट्रॉमा सेंटर और मातृत्व वार्ड के पास वाहन पार्किंग की स्थिति को असंतोषजनक पाया बाहरी वाहनों के अंदर खड़े होने पर वाहन स्टैंड संचालक की एक दिन की आय काटने के निर्देश दिए गए कलेक्टर ने सुरक्षा गार्ड को भी सख्ती बरतने को कहा ड्रेनेज सिस्टम की जांच में खुले टैंक और पानी रिसाव सामने आया जिस पर 31 दिसंबर से तुरंत मरम्मत शुरू करने के आदेश दिए गए
मातृत्व वार्ड और पूरे परिसर को लेकर निर्देश
मातृत्व वार्ड में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आठ प्रकार के डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए और प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं की फाइल में डॉक्टर की रोजाना एंट्री सुनिश्चित करने को कहा उन्होंने गर्भवती महिलाओं के साथ आए परिजनों को सही जानकारी देने के लिए काउंसलिंग पर जोर दिया इसके साथ ही पूरे जिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर परिसर की नालियों को ढकने और बाउंड्री वॉल की पेंटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए.
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