BGT News: 26 दिसंबर की सुबह बालाघाट जिले के वारासिवनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कायदी, जोड़ापाठ, बरबसपुर, गोंडी टोला और कोपे में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने बाघ की मौजूदगी देखी। अचानक जंगल से सटे इलाकों में बाघ की दहाड़ सुनते ही लोगों में डर का माहौल बन गया और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
गोंडी टोला में आमने-सामने हुआ सामना
सुबह गोंडी टोला निवासी कमला उईके (पूर्व में ज्योति उईके बताया गया) जब घर लौट रही थीं, तभी उन्हें बाघ की गुर्राने की आवाज सुनाई दी। सामने बाघ को देखकर वे सहम गईं। कुछ ही पलों में बाघ उनके पास से निकलकर जंगल की ओर बढ़ गया। इस घटना की जानकारी गांव में फैलते ही फग्गन सिंह उईके ने वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग अलर्ट, सर्चिंग अभियान तेज
सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्र में बाघ के पंजों के निशान मिले हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के गांवों में मुनादी कराई गई और जंगल व खेतों में सघन सर्चिंग शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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