राजधानी भोपाल में पेड़ों की कटाई के खिलाफ जनआंदोलन तेज हो गया है। अयोध्या बाईपास को दस लेन करने के प्रस्ताव के चलते हजारों पेड़ों को काटे जाने की आशंका ने लोगों में आक्रोश भर दिया है। इसी के विरोध में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग पेड़ों से चिपककर भोपाल में पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कटे हुए पेड़ों को श्रद्धांजलि देकर यह संदेश दिया कि पेड़ केवल लकड़ी नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं।
चिपको आंदोलन की नई तस्वीर
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने “वृक्ष बचाओ” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर हरियाली को खत्म करना गलत है, खासकर तब जब भोपाल जैसे शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स पहले ही 300 के पार पहुंच चुका है।
एनजीटी की रोक और आगे की लड़ाई
मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अयोध्या बाईपास पर 7871 पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है और अगली सुनवाई 8 जनवरी को तय है। हालांकि, आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल तारीख तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि भोपाल में एक भी पेड़ न कटे और सरकार हरियाली बचाने की उनकी मांग सुने।
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