प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से समर्थन मूल्य पर गेहूँ पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ पंजीयन 07 फरवरी 2026 से प्रारंभ हुआ था। अब सरकार ने किसानों को राहत देते हुए पंजीयन की अंतिम तिथि 07 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। इसका मतलब है कि जिले के किसान अब 10 मार्च तक समर्थन मूल्य पर गेहूँ पंजीयन कराकर अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं।
किसानों को मिलेगा एमएसपी का लाभ
किसानों को बिचौलियों और दलालों के शोषण से बचाने के लिए सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ पंजीयन की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
जिले में 1862 किसानों ने कराया पंजीयन
कलेक्टर मृणाल मीना ने किसानों की सुविधा के लिए जिले में 23 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए हैं। इसके अलावा किसान ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी समर्थन मूल्य पर गेहूँ पंजीयन करा सकते हैं, जिसके लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
06 मार्च तक जिले के कुल 1862 किसानों ने अपना पंजीयन करा लिया है। इनमें बिरसा तहसील के 292, वारासिवनी के 181, बैहर के 173, परसवाड़ा के 304, लालबर्रा के 339, कटंगी के 274, खैरलांजी के 114, बालाघाट के 154, तिरोडी के 20, किरनापुर के 3 और लांजी तहसील के 8 किसान शामिल हैं।
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