मध्यप्रदेश में Mediation for Nation Campaign 2.0 के अंतर्गत राज्य स्तरीय रेफरल प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व तथा न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति एवं कार्यपालक अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता योग्य प्रकरणों की समय पर पहचान कर उन्हें प्रभावी रूप से संदर्भित करना और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।
दो चरणों में हुआ व्यापक प्रशिक्षण
Mediation for Nation Campaign 2.0 के तहत प्रथम चरण 14 फरवरी 2026 को जबलपुर एवं भोपाल संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया। द्वितीय चरण 28 फरवरी 2026 को इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के अधिकारियों के लिए संपन्न हुआ। इस प्रकार राज्य की संपूर्ण जिला न्यायपालिका को प्रशिक्षण से जोड़ा गया।
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इन सत्रों का संचालन श्रीमती गिरिबाला सिंह, पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा वरिष्ठ प्रशिक्षक द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि समयबद्ध और प्रभावी रेफरल ही सफल मध्यस्थता प्रणाली की आधारशिला है। प्रारंभिक स्तर पर ही विवादों की पहचान कर उन्हें मध्यस्थता के लिए भेजने से न्यायालयों का समय बचता है और पक्षकारों के बीच सौहार्द बढ़ता है।
सुदृढ़ मध्यस्थता तंत्र की दिशा में कदम
सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में 622 न्यायिक अधिकारियों को 40 घंटे के सघन मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही 285 सामुदायिक मध्यस्थता स्वयंसेवकों को भी जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित किया गया, ताकि छोटे विवाद स्थानीय स्तर पर ही सुलझाए जा सकें।
राज्य में वर्तमान में 45 एडीआर केंद्र और 102 तहसील मध्यस्थता केंद्र सक्रिय हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्री-लिटिगेशन और लंबित वादों को चिन्हित कर मध्यस्थता के लिए भेजा जा रहा है। लगभग 3,020 मध्यस्थ और 520 सामुदायिक स्वयंसेवक सौहार्दपूर्ण विवाद निस्तारण में योगदान दे रहे हैं।
न्याय व्यवस्था में बढ़ेगा जन-विश्वास
Mediation for Nation Campaign 2.0 का उद्देश्य केवल लंबित मामलों की संख्या घटाना नहीं, बल्कि सहमति आधारित समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों, विषय-विशेषज्ञों और विधि विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है, जिससे भविष्य की न्याय प्रणाली अधिक संवेदनशील और प्रभावी बन सके।
राज्य में लंबित प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेफरल तंत्र को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। Mediation for Nation Campaign 2.0 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल साबित हो रहा है।
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