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Indore News: इंदौर मेट्रो लागत, इंदौर मेट्रो पर 900 करोड़ का झटका, अब क्यों बदला गया पूरा प्लान?

By Sonu bisen

Published on: December 18, 2025

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Indore News: इंदौर मेट्रो लागत, इंदौर मेट्रो पर 900 करोड़ का झटका, अब क्यों बदला गया पूरा प्लान?

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Indore News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मेट्रो प्रोजेक्ट की इंदौर मेट्रो लागत में भारी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। यह बढ़ोतरी 100 या 200 करोड़ नहीं, बल्कि सीधे करीब 900 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसकी मुख्य वजह मेट्रो के एक अहम हिस्से के डिजाइन में किया गया बदलाव है। पहले जहां एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव था, वहीं अब घनी आबादी और भारी ट्रैफिक को देखते हुए अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाने का फैसला लिया गया है।

खजुराना से रेलवे स्टेशन तक बदलेगा स्वरूप

जानकारी के अनुसार खजुराना स्क्वायर से रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 3.3 किलोमीटर के पैच में मेट्रो अब अंडरग्राउंड चलेगी। यह इलाका रिहाइशी और कमर्शियल दोनों दृष्टि से अत्यंत व्यस्त माना जाता है। पहले इसी हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित था, लेकिन लगातार आ रही बाधाओं और जनसंख्या घनत्व को देखते हुए प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा। इस बदलाव का सीधा असर इंदौर मेट्रो लागत पर पड़ रहा है।

राज्य सरकार ने अतिरिक्त खर्च उठाने का लिया निर्णय

मूल इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट करीब 31.32 किलोमीटर लंबा है, जिसकी शुरुआती लागत लगभग 7,500 करोड़ रुपये आंकी गई थी। अब अलाइनमेंट में बदलाव और अंडरग्राउंड सेक्शन जोड़ने के कारण 800 से 900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च सामने आ रहा है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि शहर की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह अतिरिक्त राशि वहन की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहले इस विषय पर संकेत दे चुके हैं कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अंडरग्राउंड मेट्रो ही बेहतर विकल्प है।

अधिकारियों की योजना पर उठे सवाल

हालांकि इस फैसले के बाद अधिकारियों की प्रारंभिक योजना पर सवाल भी उठने लगे हैं। यह सवाल उठ रहा है कि क्या पहले से यह जानकारी नहीं थी कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर घनी आबादी और बाजार क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है। यदि यह तथ्य पहले ध्यान में रखा जाता, तो शायद इंदौर मेट्रो लागत में इतना बड़ा इजाफा नहीं होता। अब इस बदलाव से शासन पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ना तय है, जिसे लेकर लापरवाही और अनदेखी के आरोप भी लग रहे हैं।

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Sonu bisen

मेरा नाम सोनू बिसेन है। मैं एक लेखक हु और TazaSanket.com पर लेखन का काम करता हूं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मैं मध्य प्रदेश, विशेष रूप से बालाघाट ज़िले की ताज़ा एवं क्रिकेट न्यूज़ और विश्वसनीय लोकल खबरें पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करता हूं

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